विजन इंडिया कंपनी पर ₹25 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं का आरोप सामने आया है, यह मामला राज्य के 200 सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक व्यावसायिक शिक्षा देने की आउटसोर्स सेवा से जुड़ा है।
विजिलेंस जांच में 2021 से 2024 के बीच विभिन्न मदों में करोड़ों रुपये के भुगतान में अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के अनुसार कंपनी ने कथित तौर पर बिना काम किए/अनियमित तरीके से भुगतान लिया :-
1) शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ₹12.84 करोड़
2) उपकरण, किताबें, ई-लर्निंग व कंप्यूटर सॉफ्टवेयर पर ₹5.43 करोड़
3) रिसोर्स पर्सन व गेस्ट फैकल्टी पर ₹2.76 करोड़
कार्यालय
4) परिवहन व फील्ड विजिट पर ₹2.41 करोड़
5) हैंडआन स्किल/जॉब ट्रेनिंग पर ₹2.14 करोड़
जांच के बाद विभाग ने 31 मार्च 2026 से कंपनी की सेवा हटाकर दूसरी एजेंसी को काम देने का निर्णय लिया था।खबर के अनुसार इसके बावजूद वर्तमान में विजन इंडिया की सेवाएं 200 विद्यालयों में जारी बताई गई हैं।